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Feb 12, 2011
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
राउल बाबा मौनमोहन सिंह से, " आप जानते है आज रात भर मम्मी परेशान थी ..उन्हें ठीक से नींद भी नहीं आयी "
मौनमोहन, "अरे बाबा, क्या हुआ ...क्या परेशानी थी उन्हें ?"
राउल बाबा," परेशानी कुछ खास नहीं पर कल जबसे होस्नी मुबारक के गद्दी ...
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Feb 10, 2011
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
ओ हो आप पी मुथालिक है न ? नमस्कार जी ...!
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Jan 23, 2011
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
आज स्वतंत्रता संग्राम के महान सेना नायक सुभाष चन्द्र बोस उपाख्य नेता जी का जन्म दिन है ...उन्हें हम सभी का कोटि कोटि नमन !
यहाँ मै उनके द्वारा विभिन्न लोगों को विभिन्न समयों पर (उनके आई0सी0एस० से त्यागपत्र देने तक) भेजे गए पत्रों में ...
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Nov 26, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
२६/११ की आज दूसरी सालगिरह है..बेशक यह अविस्मरणीय दुख का दिन है जिसे कि आम मुम्बईकर और सम्पूर्ण भारतवासी कभी भुला नही सकते !
पर इसके साथ साथ यह और अन्य बातो को भी याद करने का दिन है....
यह अन्य बाते मसलन मुम्बई हमले के बाद देश सुरक्षा ...
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Oct 27, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
इन दिनों हमारे देश में राजनीतिक अतिअसंवेदनशीलता के कारन कश्मीर पिछले कुछ माह से फिर से पूरी दुनिया के समाचार पत्रों की सुर्खियाँ बना हुआ है | हद तो तब हो गयी कि जिन्हें देशद्रोह की सजा में सलाखों के पीछे होना चाहिए ऐसे कुछ अलगाववादी तत् ...
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Aug 15, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
कल शाम में दूरदर्शन पर महामहिम राष्ट्रपति जी का देश के नाम सन्देश सुना ...अगर उसमे की एक दो बातो को छोड़ दिया जाये तो उनका पूरा का पूरा भाषण उसी प्रकार हवाई भाषण था जैसे की उनकी कुछ महीने पहले हुयी सुखोई विमान यात्रा ...काश उन्होंने ...
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Aug 11, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
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Aug 2, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
यहाँ नफ़रत है,धोखा है,झूठ है
ख़ौफ़ और आतंक के साये भी है दूर तलक
चलो चलें ,
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Jul 24, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
पानी बरसा धरती में खिल उठीं कोपलें
और मिट गयीं धरती में सब पड़ी दरारें
पेड़ो पर फिर पत्ते झूमे
आँखों में छाई हरियाली
कोयल ने छेड़ी है फिर से
वही पुरानी कूक निराली
मन यही कर रहा है की बस वह सुनते जाएँ ...
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Jul 20, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
मै गंगा हूँ
वही गंगा जिसे देवलोक से
भूलोक पर
भागीरथ लाये थे थे
कड़ी तपस्या करके
अपने पूर्वजों के पापों का उद्धार करने हेतु,
और मैंने भी
सबको मातृत्व प्रदान किया
धर्म को आयाम दिया
भारत को खुशहाली दी
खेतों को हरियाली दी,
मै दौड ...
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Jul 17, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
चुनाव जीतने के बाद
पहली बार आये हैं नेता जी
अपने क्षेत्र में
पुलिस मौजूद है
पहरेदारी में
और सभी करीबी भक्त
व्यस्त है उनकी आरती ,पूजा करने में
पर विडंबना यह है क़ि देखो तो
अभी चुनाव से ठीक पहले यही नेता
जिस जनता के सामने
ह ...
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Jul 14, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
तू पागल है उसे ऐसा मै हर बार कहता हूँ
मगर फिर भी न जाने क्यूँ मुझी से प्यार करता है
मुझे देखे इसी हसरत से छत पे रोज आता है
वहां आकर न जाने क्यूँ वो नजरें भी चुराता है
वो ज़माने याद है मुझको वो नखरे याद आते है
वो दुपट्टे से तेर ...
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Jul 11, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
दिन ढले जा रहे है,
बिना कुछ बोले
एकदम चुपचाप
अपने समय पर नियत,
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Jul 8, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
(१)- दरीचे खुले
हवा के साथ आयी
तेरी खुशुबू |
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Jul 5, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
आपको बताना चाहूँगा क़ि आज जो दुनिया के वैज्ञानिक बेस्ट क्वालिटी क़ि जो स्टील बना रहे है उसमे भी ये गुण नहीं है क़ि वह जंग रहित हो| परन्तु भारत में दशवीं शताब्दी में जन्गरहित स्टील बनता था और काफी बड़े स्तर पर स्टील का निर्माण होता थ ...
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Jul 3, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
अरे देखो तो
इन पर्वतों के कन्धों पर
लदे है ये
शरारती बच्चों क़ि तरह
शरारत करते हुए
खेलते उमड़ते घुमड़ते बादल|
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Jul 1, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
वहां एक क्लास में
एक अध्यापक महोदय
पूछ रहे थे प्रश्न
पढाये हुए पाठ में से
अपने क्लास में उपस्थित छात्रों से
इसी क्रम में
उन अध्यापक महोदय ने
सामने बैठे एक छात्र से पूछा क़ि
बताओ बेटा एक और एक
होते है कितने..?
तब वह सामने बैठा ...
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Jun 29, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
(१) पानी बरसा
महक उठी मिटटी
हरी हुयी धरा |
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Jun 28, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
ऐ मेरे क्रोध
तुम कब आये
और आकर चले भी गए
पर छोड़ गए पीछे निशान
अपने आने के,
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Jun 25, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
दूर तक फैला घना कुहासा है,
देता कुछ नहीं दिखाई है,
फिर आज तेरे बच्चों ने ही,
ऐ भारत माँ तेरी हंसी उड़ाई है,
संस्कृतियाँ हो रही शून्य है,
पश्चिमी झंझावातों में पड़कर,
जो चले आ रहे मानव मूल्य सदियों से,
बिक रहे आज वो कौड़ी कौड़ी,
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Jun 22, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
एक मंत्री जी ने मंच से
अपनी सरकार की,
सौ दिन की उपलब्धियां
यथाशक्ति गिनायीं
तब नीचे खड़ी जनता ने भी,
अपनी आदत के अनुसार ही
पुरजोर तालियाँ बजायीं
मंत्री जी जब थक कर नीचे उतरे
तभी एक बूढी माँ
किसी तरह सभी का मान मुनौव्वल करती ...
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Jun 20, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
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Jun 15, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
कल शाम एक बार फिर,
मिला उससे
फिर वही उसी गर्मजोशी के साथ
जैसे मिलता था
पहले कभी
एक बार फिर शुरू हुयी कुछ बातें
कुछ पुरानी
कुछ नयी,
कुछ कही
कुछ अनकही,
फिर ऐसे ही उस
मुलाकात के बाद
लौट आया अपने घर
और फिर रात भर आँखों से नी ...
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Jun 13, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
आज इच्छाएं मेरी
उड़ रही है
जैसे उडती तितलियाँ हो,
वो ठहरती ही नहीं
किसी पल
किसी एक फूल पर
और ये मेरा नादाँ मन
कर रहा है कोशिश पकड़ने की
उन तितली बनी इच्छाओं को
एक अबोध बालक की तरह
और फिर चाहता की कैद कर ले उन्हें
जिससे वो न उ ...
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Jun 8, 2010
| Author: Sanu Shukla .
| Source: राष्ट्र सर्वोपरि
वैसे तो गाँधी जी ने अपनी जिंदगानी में कई सिद्धांत दिए है पर उनका एक ऐसा सिद्धांत जिस पर आज तक देश विदेश में कई जगह उसका उपयोग कई लोंगो ने विभिन्न विभिन्न रूप में किया है...और वो सिद्धांत है गाँधी जी का तीन बंदरों का सिद्धांत.हम सभी ...
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